
उत्तर – वीर कुँवर सिंह एक साहसी, स्वाभिमानी और देशभक्त योद्धा थे।
वे वृद्ध होने पर भी देश की आज़ादी के लिए अंग्रेजों से लड़ते रहे।
प्रश्न 2. कुँवर सिंह को बचपन में किन कामों में मज़ा आता था? क्या उनसे मदद मिली?
उत्तर – उन्हें बचपन में घुड़सवारी, तलवारबाज़ी और कुश्ती में बहुत रुचि थी।
बड़े होकर इन्हीं गुणों से वे एक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी बने।
प्रश्न 3. सांप्रदायिक सद्भाव में कुँवर सिंह की आस्था कैसे दिखती है?
उत्तर – कुँवर सिंह हिंदू–मुसलमान में कोई भेद नहीं करते थे।
उनकी सेना में मुसलमान अधिकारी थे और वे सभी त्योहार मिलकर मनाते थे।
प्रश्न 4. कौन-से प्रसंग बताते हैं कि कुँवर सिंह साहसी, उदार और स्वाभिमानी थे?
उत्तर – घायल होने पर भी उन्होंने इलाज न कराकर अपना हाथ काट दिया, यह उनके स्वाभिमान को दिखाता है।
वे सभी जाति और धर्म के लोगों को समान मानते थे, जो उनकी उदारता दर्शाता है।
प्रश्न 5. वीर कुँवर सिंह ने मेले का उपयोग किस रूप में किया?
उत्तर – उन्होंने सोनपुर मेले का उपयोग स्वतंत्रता संग्राम की योजना बनाने के लिए किया।
मेले की भीड़ में वे गुप्त बैठकों द्वारा अंग्रेजों को धोखा देते थे।
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